स्कोरिंगड्यूसटाईब्रेकर
लव, ड्यूस और टाईब्रेक: स्कोरिंग का ढाँचा एक नज़र में
पॉइंट मिलकर गेम और गेम मिलकर सेट बनाते हैं; 40-40 और टाईब्रेक के बाद खास नियम लागू होते हैं।

इस जांच से शुरू करें
नए खिलाड़ी पॉइंट नामों को गेम और सेट की स्थितियों के साथ मिलाकर भ्रमित कर सकते हैं, फिर दोनों स्कोर और सही सर्विंग साइड का ट्रैक खो देते हैं।
इन चरणों को क्रम में आज़माएँ
- सामान्य गेम में 0 (लव), 15, 30 और 40 गिनें; ड्यूस के बाद दो पॉइंट का अंतर चाहिए।
- खेलने से पहले तय करें कि सेट के लिए कितने गेम चाहिए और उस प्रतियोगिता में टाईब्रेक कब होता है।
- सामान्य टाईब्रेक में पहला सर्वर 1 पॉइंट सर्व करता है, फिर हर 2 पॉइंट के बाद सर्व बदलती है।
मुख्य निष्कर्ष
मूल स्कोरिंग संरचना जानें, लेकिन हमेशा मैच के लिए अपनाए गए सेट और नो-एड प्रारूप की पुष्टि करें।
समीक्षित स्रोत
आधिकारिक व शोध प्रमाणों को समुदाय से मिले विषय संकेतों से अलग रखा जाता है।
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