डायन पैरी का एक हाथ वाला बैकहैंड: खूबसूरती से आगे की कहानी
अलग दिखने वाला शॉट देखते ही राय बन जाती है। काम का सवाल यह है कि वह आती हुई गेंद का क्या जवाब देता है—और उसके बाद खिलाड़ी कहाँ खड़ा होता है।

एक हाथ का बैकहैंड देखते ही अक्सर बहस शुरू हो जाती है। यह हथियार है, कमजोरी है या बीते दौर की बची हुई खूबसूरती? अगली गेंद गिरने से पहले फैसला सुनाना आसान है। मगर उस समय तक खिलाड़ी रैली की ऊँचाई बदल चुका हो, प्रतिद्वंद्वी को आगे खींच चुका हो या किसी और शॉट की तैयारी कर रहा हो सकता है। केवल बैकहैंड का रूप देखकर उसकी उपयोगिता का फैसला करने में यही मुश्किल है।
डायन पैरी इस बहस को थोड़ा ठहरकर देखने की वजह देती हैं। 9 जुलाई 2026 को प्रकाशित WTA की एक रिपोर्ट में थॉमस हॉगस्टेड ने बताया कि उनके साथ काम करते हुए कोचिंग के प्रति उत्साह फिर बढ़ा है। उन्होंने एक हाथ वाले बैकहैंड के साथ पैरी के बेहतरीन टच का भी उल्लेख किया। ये दो अलग बातें थीं। रैकेट पर कितने हाथ हैं, यह तुरंत दिख जाता है; खिलाड़ी गेंद के साथ कितने उपयोगी विकल्प बना सकता है, यह कोच के लिए कहीं बड़ा सवाल है।
हॉगस्टेड की बात से यह साबित नहीं होता कि एक हाथ का बैकहैंड दो हाथ वाले से बेहतर है। रिपोर्ट में पैरी के हर शॉट का तुलनात्मक डेटा नहीं था, किसी तकनीकी बदलाव की घोषणा नहीं हुई थी और किसी टूर्नामेंट के नतीजे को एक बदलाव का परिणाम नहीं बताया गया था। दिलचस्प बात उस कोच की दृष्टि है जिसने मारिया शारापोवा, ली ना और कैरोलिन वोज़नियाकी जैसे खिलाड़ियों के साथ काम किया है, फिर भी एक अलग शैली को उसी की खूबियों के आधार पर समझना चाहता है।
विविधता तभी उपयोगी है जब सामने वाले का काम बदले
कई तरह के शॉट आने के बावजूद कोई खिलाड़ी अनुमान लगाने में आसान हो सकता है। टॉपस्पिन बैकहैंड, स्लाइस और छोटी गेंद तभी रणनीतिक विविधता बनते हैं जब उनके चुनाव से प्रतिद्वंद्वी के सामने अलग काम आए। विकल्प दिखाना और किसी वजह से सही विकल्प इस्तेमाल करना एक बात नहीं है। एक हाथ या दो हाथ—सिर्फ अलग दिखने से किसी बैकहैंड को रणनीतिक महत्व नहीं मिल जाता।
एक काल्पनिक रैली लें। सामने वाला लगातार पीछे एक ही जगह से आराम से मार रहा है, इसलिए खिलाड़ी उसे नीची और कुछ छोटी गेंद देता है। अब उसे आगे आकर अलग ऊँचाई पर गेंद लेनी पड़ती है। उसका काम बदल गया, लेकिन चुनाव अच्छा था या नहीं, यह गेंद की गुणवत्ता और अगली गेंद के लिए कोर्ट कवर करने की क्षमता से तय होगा। हवा में ठहरी स्लाइस आसान अटैक दे दे, तो सिर्फ लय तोड़ने के कारण वह चतुर शॉट नहीं हो जाती।
अगली गेंद उतनी ही अहम है। छोटी गेंद से मनचाहा जवाब आया, लेकिन खिलाड़ी अपने पिछले शॉट से सँभल ही रहा है, तो मौका निकल सकता है। वही जवाब पहले पढ़ लिया जाए और संतुलित स्थिति में पहुँचा जाए, तो योजना काम कर सकती है। ये लेख को समझाने के लिए दिए गए उदाहरण हैं, पैरी के मैचों का पुनर्निर्माण नहीं। टच का मूल्यांकन करने के लिए सुंदर संपर्क के बाद भी पॉइंट को देखना पड़ता है।

समस्या को परिस्थिति से पहचानें, सिर्फ बैकहैंड से नहीं
अनुभवी क्लब खिलाड़ी कहते हैं, “मेरा बैकहैंड कमजोर है”, लेकिन इसके पीछे कई अलग मुश्किलें छिपी हो सकती हैं। जल्दी में खेला गया रिटर्न, पसंद की ऊँचाई से ऊपर आने वाली रैली बॉल, नीचा अप्रोच शॉट और पर्याप्त समय वाली सामान्य रैली एक जैसे काम नहीं हैं। सबको बैकहैंड की गलती में जोड़ देने से निष्कर्ष सरल दिखता है, जबकि सुधार के लिए जरूरी काम अलग-अलग होता है।
आती हुई गेंद और संपर्क के समय खिलाड़ी की स्थिति से शुरुआत करें। तैयारी का समय था? गेंद के लिए जगह बनाई गई थी या वह शरीर के बहुत पास थी? उद्देश्य रैली में बराबरी बनाए रखना था, अटैक करना था या मुश्किल स्थिति से किसी तरह पॉइंट में बने रहना था? इसके बाद चुने गए शॉट की जानकारी काम आती है। तकनीक को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा; उसे उस परिस्थिति में रखा जा रहा है जिसे उसे हल करना है।
एक हाथ से खेलने वाले के लिए यह नजरिया दो अतियों से बचाता है। पहली, शॉट सुंदर है इसलिए उसकी कोई आलोचना न करना। दूसरी, हर मिस को इस बात का प्रमाण मान लेना कि मूल गलती एक हाथ से खेलना है। बार-बार आने वाली समस्या पर काम होना चाहिए। मगर पूरे बैकहैंड को बदलना, किसी खास आती गेंद का जवाब सुधारने से बहुत बड़ा निर्णय है। दोनों को एक जैसा मानना जरूरी नहीं।
हॉगस्टेड की तैयारी अगले प्रतिद्वंद्वी से शुरू होती है
जुलाई की WTA रिपोर्ट में हॉगस्टेड की तैयारी का एक ठोस हिस्सा बताया गया था। वह खिलाड़ियों को अगले प्रतिद्वंद्वी का वीडियो भेजते हैं और अभ्यास उस मुकाबले की जरूरतों के हिसाब से बनाया जाता है। यह केवल “और अच्छा टेनिस खेलो” कहने से अधिक स्पष्ट है। खिलाड़ी जो कर सकता है, उसे उस चुनौती से जोड़ा जाता है जो सामने वाला देने की संभावना रखता है।
रिपोर्ट में उन्होंने हर खिलाड़ी के लिए सही संतुलन ढूँढ़ने और हर खिलाड़ी-कोच जोड़ी के अनुकूल न होने की बात भी कही। अलग शैली वाले खिलाड़ी पर चर्चा में इसका महत्व है। किसी कोच की पिछली सफलता का मतलब यह नहीं कि एक ही तकनीकी या रणनीतिक ढाँचा सब पर लागू हो सकता है। काम उपयोगी विकल्पों को विकसित करना और उन परिस्थितियों पर काम करना है जहाँ वे विकल्प टिक नहीं पाते।
क्लब प्रतियोगिता खेलने वाले को पेशेवर वीडियो विभाग की नकल करने की जरूरत नहीं। नियमित प्रतिद्वंद्वी की ऐसी रिकॉर्डिंग उपलब्ध हो जिसे देखने और इस्तेमाल करने का अधिकार हो, तो अगली प्रैक्टिस से जुड़ा एक दोहराता पैटर्न खोजें। शायद वह बीच में ऊँचा रिटर्न करता हो, या छोटी गेंद पर नेट की ओर आता हो। छोटे नमूने को तैयारी की एक संभावना मानें, इस गारंटी की तरह नहीं कि हर पॉइंट पर वही होगा।
अभ्यास में चुनाव की जगह बची रहनी चाहिए
यह खिलाड़ी और कोच के लिए ढालने योग्य अभ्यास का सुझाव है; इसे पैरी या हॉगस्टेड का वास्तविक ड्रिल न समझें। परिचित रैली पैटर्न से शुरू करें। फिर साथी आती गेंद की एक चीज बदले—ऊँचाई, गहराई या मिलने वाला समय। बदलाव इतने कठिन न हों कि रिसीवर उन्हें पहचान ही न सके। रिसीवर अपना जवाब चुने और उसके बाद भी पॉइंट का अगला हिस्सा खेले।
बाद में दो बातों पर अलग चर्चा करें: क्या उस गेंद के लिए चुनाव उचित था, और क्या शॉट ने उस चुनाव को ठीक से लागू किया? सही समय पर चुना सामान्य रैली शॉट मिस हो सकता है; खराब अटैक का फैसला कभी विनर भी बन सकता है। हर विनर को अच्छा निर्णय और हर मिस को खराब निर्णय मानेंगे तो अभ्यास केवल नतीजा देखकर राय बनाना सिखाएगा। लक्ष्य ऐसा विकल्प पहचानना है जो कम सुविधाजनक गेंद आने पर भी इस्तेमाल किया जा सके।
अगले अभ्यास का लक्ष्य छोटा और स्पष्ट रखें। जगह की कमी थी तो कोच के साथ ऐसी स्थिति बनाने पर काम करें जहाँ संपर्क सहज हो सके। पहला जवाब ठीक था लेकिन रिकवरी ने कोर्ट खुला छोड़ दिया, तो अगली मूवमेंट भी अभ्यास में शामिल करें। छोटी गेंद केवल इसलिए काम आई कि साथी अपनी जगह खड़ा रहा, तो वही परिस्थिति सक्रिय प्रतिद्वंद्वी के साथ दोहराएँ। मौजूदा विकल्पों को काम का बनाने से पहले कोई शानदार नया शॉट जोड़ना जरूरी नहीं।
बार-बार आने वाली मुश्किल को समझने में मदद मिले तो उपकरण की चर्चा भी जरूरी है। लेकिन सिर्फ देखकर नया रैकेट या अलग स्ट्रिंग टेंशन सुझाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं मिलता। WTA की इस रिपोर्ट में इस उद्देश्य के लिए पैरी के सेटअप के माप नहीं दिए गए हैं। रैकेट, स्ट्रिंग और स्ट्रोक एक साथ बदल देने पर नई अनुभूति के कई संभावित कारण हो जाते हैं। अलग दिखने वाले बैकहैंड को खरीदारी की सूची बनाने से पहले कोचिंग का सवाल स्पष्ट रखें।
पैरी का एक हाथ वाला बैकहैंड ध्यान खींचता है क्योंकि वह तुरंत नजर आता है। हॉगस्टेड का टच वाला अवलोकन उस चीज की ओर इशारा करता है जिसे देखने में थोड़ा अधिक समय लगता है: खिलाड़ी कौन-से विकल्प बनाता है और क्या वे अगली गेंद तक टिकते हैं? गंभीर क्लब खिलाड़ी के लिए यही अधिक उपयोगी कसौटी है। लक्ष्य बैकहैंड पर कितने हाथ होने चाहिए, यह बहस जीतना नहीं। लक्ष्य सामने वाले को ऐसी गेंद और उसके बाद के जवाब से जूझने पर मजबूर करना है जिसका सामना वह नहीं करना चाहता था।
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TENNIS TENSION LAB
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