राडुकानू को अगासी की किताब में क्या मिला: करियर के सबसे अच्छे दो हफ्ते आपकी पूरी पहचान नहीं हैं
एक शानदार खिताब के बाद हर सामान्य दिन भी उसी कसौटी पर कसा जाने लगता है। अगासी ने सवाल बदला: आज आपके पास जितना खेल है, उससे आप क्या कर सकते हैं?

टेनिस करियर में झटके आते हैं, यह जानने के लिए एमा राडुकानू को आंद्रे अगासी की किताब पढ़ने की जरूरत नहीं थी। सितंबर 2026 तक उनके यूएस ओपन खिताब को पांच साल हो चुके थे। उस असाधारण कामयाबी के सामने उसके बाद बार-बार बाधित हुए सीजन रखकर उनकी कहानी सुनाना आम हो गया था। अगासी की आत्मकथा में उन्हें कुछ ज्यादा निजी मिला: कम उम्र में सफलता, उसके बाद मुश्किल दौर और फिर आगे बढ़ने का अपना रास्ता खोजने की कोशिश।
23 सितंबर की BBC Sport रिपोर्ट ने अलग-अलग मंचों पर दिए गए दो लोगों के बयान एक साथ रखे। राडुकानू ने यूनिक्लो से कहा था कि अगासी की 2009 में प्रकाशित आत्मकथा के कुछ हिस्सों से वह खुद को जोड़ पाईं। खासकर 1990 के दशक के आखिर में अपने लिए प्रशिक्षण का तरीका तैयार करके दोबारा आगे बढ़ने की उनकी कहानी से। उधर अगासी ने BBC Breakfast पर इस बात पर प्रतिक्रिया दी कि उनके अनुभव अब भी किसी दूसरे खिलाड़ी के काम आ सकते हैं। रिपोर्ट में दोनों के साथ अभ्यास करने या अगासी के उनका कोच बनने की बात नहीं थी।
अगासी की सलाह का सबसे काम का हिस्सा वापसी का कोई फॉर्मूला नहीं था। वह एक दिन के खेल को परखने का पैमाना बदलने की बात कर रहे थे। उन्होंने राडुकानू को अपनी मौजूदा क्षमता के साथ सर्वश्रेष्ठ करने के लिए कहा, बजाय इसके कि वह अपनी पहचान को नतीजों से बांध लें या हर समय खुद को सौ प्रतिशत की स्थिति में महसूस करना जरूरी मानें। यह काम हर बार कोर्ट पर उतरते हुए अपने करियर के सबसे अच्छे दो हफ्ते दोहराने की कोशिश से अलग है।
जब दो असाधारण हफ्ते रोज की न्यूनतम अपेक्षा बन जाएं
राडुकानू 18 साल की थीं जब वह ओपन युग में क्वालिफाइंग से शुरू करके ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनीं। इतनी दुर्लभ उपलब्धि स्वाभाविक रूप से खिलाड़ी के परिचय की पहली पंक्ति बन जाती है। लेकिन उसके बाद के हर हफ्ते को स्वीकार करने की न्यूनतम शर्त बना देना उतना उपयोगी नहीं है। वह खिताब बताता है कि उन्होंने एक शानदार टूर्नामेंट में क्या कर दिखाया था। उससे आगे आने वाले हर मुकाबले की परिस्थितियां उस जीत जैसी नहीं हो जातीं।
सितंबर की रिपोर्ट में उनकी रैंकिंग 98 बताई गई थी, जबकि जुलाई 2022 में वह अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 10वीं रैंकिंग पर पहुंची थीं। ये निश्चित समय के आंकड़े हैं, लेख पढ़े जाने वाले हर दिन की ताजा रैंकिंग नहीं। रिपोर्ट ने सीजन की वास्तविक रुकावटों का भी जिक्र किया: सीजन शुरू होने से पहले पैर में चोट, वायरल संक्रमण के बाद हुई बीमारी के कारण ढाई महीने कोर्ट से दूर रहना और दाहिने पैर के निचले हिस्से में स्ट्रेस फ्रैक्चर से उबरने के दौरान यूएस ओपन से बाहर होना। बात सिर्फ कुछ निराशाजनक स्कोर की नहीं थी; खेलने का सिलसिला सचमुच टूटा था।
इसी सीजन में जून का क्वीन्स क्लब फाइनल भी आया था। BBC ने उसे न्यूयॉर्क की जीत के बाद उनका सबसे बड़ा फाइनल बताया। उस हफ्ते को छोड़ देना पूरी कहानी को एक ही रंग में पेश करना होगा। मुश्किल दौर खत्म हुए बिना भी उसमें अच्छा नतीजा आ सकता है, और एक अच्छा नतीजा हर अड़चन दूर नहीं करता। ‘वापस आ गईं’, ‘अब खत्म हो गईं’, ‘आखिर सब ठीक हो गया’ जैसे परिचित फैसले अक्सर एक टूर्नामेंट से उन सवालों के जवाब भी मांग लेते हैं जिन्हें वह अकेले तय नहीं कर सकता।

अगासी का अनुभव साथ होने का अहसास दे सकता है, हूबहू वही करियर नहीं। उन्होंने 22 साल की उम्र में 1992 का विंबलडन जीतकर पहला ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल किया था। आखिर में उनके नाम आठ ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब हुए। सफलता के उन दौरों के बीच चार साल ऐसे भी आए जब वह कोई ग्रैंड स्लैम नहीं जीते और रैंकिंग गिरकर 141 हो गई। बाद की कामयाबी उनकी कहानी को भावनात्मक ताकत देती है। लेकिन उससे किसी दूसरे खिलाड़ी का अगला अध्याय तय नहीं हो जाता, न हर खराब दौर किसी बड़ी जीत की अनिवार्य शुरुआत बन जाता है।
जिस स्तर पर खेलना चाहते हैं, वही स्तर आज हाथ में हो, जरूरी नहीं
अभी जितनी क्षमता उपलब्ध है, उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ देने की बात को महत्वाकांक्षा कम करने की सलाह समझना आसान है। इसका अर्थ उलटा भी हो सकता है: एक असंभव तुलना छोड़कर सामने के मुश्किल काम की जिम्मेदारी लेना। आज टाइमिंग पूरी तरह ठीक नहीं है, तो उसी टाइमिंग के साथ बेहतर निर्णय करना होगा। प्रतिद्वंद्वी तैयारी का समय छीन रहा है, तो उसे पहचानकर जवाब ढूंढ़ना होगा। चेंजओवर भर उस पुराने खिलाड़ी से मन ही मन बहस करते रहना मदद नहीं करेगा, जो कभी हर गेंद संभाल लेता था।
यह उस सलाह की व्याख्या है, राडुकानू के अभ्यास कार्यक्रम का विवरण नहीं। यह फर्क इसलिए जरूरी है क्योंकि इस समस्या को समझने के लिए उनकी निजी तैयारी की जानकारी होना आवश्यक नहीं। क्लब के खिलाड़ी भी अपना कोई पुराना शिखर साथ लेकर चलते हैं: वह गर्मी जब लीग जीती थी, वह मैच जिसमें फोरहैंड चूक ही नहीं रहा था, वह समय जब हफ्ते में चार बार खेलते थे। ऐसी याद मेहनत की वजह बन सकती है। लेकिन वही याद साधारण उतार-चढ़ाव को भी व्यक्तिगत गिरावट का प्रमाण बना सकती है।
एक अनुभवी लीग खिलाड़ी की कल्पना कीजिए, जिसके प्रतिद्वंद्वी अब उसके बैकहैंड पर जल्दी गेंद भेजकर तैयारी का समय कम करना सीख गए हैं। फिर भी वह बार-बार उसी आक्रामक दिशा परिवर्तन को चुनता है जो पिछले सीजन में धीमी गेंद पर सफल रहता था। हर गलती उसे लगता है कि वह अपने ‘असली’ खेल तक नहीं पहुंच पा रहा। जबकि गेंद और तैयारी के लिए मिलने वाला समय भी बदल चुके हैं। ऊंची और गहरी गेंद लौटाकर रैली संभालना आज के मैच में बेहतर फैसला हो सकता है। ऐसा करने से लंबे समय में आक्रामक शॉट सुधारने का लक्ष्य छोड़ना जरूरी नहीं हो जाता।
यह उदाहरण उन परिस्थितियों में निर्णय लेने का है जिनमें खिलाड़ी खेल सकता है। राडुकानू की रिपोर्ट की गई शारीरिक समस्याओं के कारण खेल रुकना अलग विषय है। अगासी की टिप्पणी खेलने की चिकित्सकीय अनुमति नहीं, न चोट के बावजूद खेलते रहने का निर्देश। ‘आपके पास अभी जितना स्तर है’ भी उनकी मौजूदा शारीरिक स्थिति के लिए मापकर प्रकाशित किया गया कोई प्रतिशत नहीं है। यह खिलाड़ी के सामने मौजूद काम को देखने का नजरिया है, चोट से उबरने की प्रक्रिया नहीं।
नतीजा जानकारी देता है; उसे पूरे व्यक्ति पर फैसला बनाने की जरूरत नहीं
अगासी ने उस दबाव की बात की जब उनके पिता उनका परिचय भविष्य के विश्व नंबर एक के रूप में देते थे। उन्होंने डर से प्रेरित होकर खेलने के अपने अनुभव का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, रैंकिंग में गिरावट के बाद वह टेनिस से दोबारा जुड़ पाए और आगे ज्यादा सफल हुए। यह उनकी अपनी जिंदगी का ब्यौरा था। राडुकानू को किताब अपने अनुभवों के करीब लगी, इससे यह साबित नहीं होता कि उनके परिवार की कहानी, भावनाएं या मुश्किलों की वजह भी अगासी जैसी हैं।
मैच में काम आने वाला फर्क है: प्रदर्शन की समीक्षा करना और उसे अपनी पहचान बना लेना। एक रिटर्न की गलती की जांच हो सकती है। तैयारी देर से हुई थी? निशाने के लिए बहुत छोटी जगह चुनी थी? सर्विस पढ़ने में चूक हुई? ‘मैं अब अच्छा खिलाड़ी नहीं रहा’ से वैसा कोई अगला कदम नहीं निकलता। यह निष्कर्ष उस बात से भी बहुत आगे जाता है जो एक खराब रिटर्न बता सकता है। वजह को वास्तविक घटना के करीब रखना गलती का बहाना बनाना नहीं है; इससे समीक्षा अगले अभ्यास में इस्तेमाल करने लायक होती है।
उस समीक्षा में नतीजों की जगह फिर भी है। जीत-हार तय करती है कि कौन आगे बढ़ेगा, रैंकिंग क्या होगी; मुकाबला खेलने का उद्देश्य भी उससे जुड़ा है। स्कोरबोर्ड से अपनी पूरी पहचान न बांधने का अर्थ यह दिखावा करना नहीं कि स्कोर का कोई महत्व नहीं। उसके साथ एक और तरह की निगाह रखी जा सकती है: जिस बदलाव का इरादा था, क्या वह किया? बार-बार आने वाली समस्या को क्या पहले पहचाना? जब पसंद का खेल नहीं निकल रहा था, तब कौन से फैसले उपयोगी रहे?
क्लब में सामान्य अभ्यास के बाद भी इसी तरह छोटा-सा नोट लिखा जा सकता है। एक बार-बार आई स्थिति, उस पर चुना गया जवाब और अगली बार का काम दर्ज करें। ‘गहरे रिटर्न पर मैंने अगला ग्राउंडस्ट्रोक जल्दी खेल दिया; अगली बार रैली संभालने का विकल्प पहले से साफ रखना है’ अगले अभ्यास को शुरुआत देता है। ‘मुझे अब भी तीन साल पहले जितना अच्छा तो होना ही चाहिए’ ऐसा नहीं करता। यह लेख की ओर से एक सुझाव है, राडुकानू पर आजमाकर प्रमाणित की गई तकनीक या अधिक जीत की गारंटी नहीं।
अगासी ने यह तुलना भी की कि वह अपने समय में अखबार बंद करके रख सकते थे, जबकि आज के खिलाड़ियों के लिए सार्वजनिक राय से दूरी बनाना ज्यादा कठिन है। आधुनिक खिलाड़ी का पुराना नतीजा हर कमेंट सेक्शन में उसका पीछा कर सकता है। क्लब स्तर के खिलाड़ी पर वैसा ही दबाव नहीं होता। फिर भी बार-बार यह जांचते रहना कि ताजा मैच ने दूसरों की राय सही साबित की या नहीं, एक पहचानी हुई आदत है। जब हर बार कोर्ट पर उतरना अपनी स्थायी छवि बचाने की परीक्षा बन जाए, तो खेल का आनंद लेना मुश्किल होने लगता है।
राडुकानू की इस किताब में दिलचस्पी यह घोषणा नहीं करती कि उनका मुश्किल दौर खत्म हो गया है। उससे उस दौर को इंसानी अनुभव की तरह पढ़ने का एक रास्ता जरूर मिलता है। उन्हें एक चैंपियन की अनिश्चितताओं में कुछ अपना दिखाई दिया। अगासी को उम्मीद थी कि उनकी कहानी किसी को कम अकेला महसूस कराए और अपना रास्ता खोजने में मदद दे। यहां अपनाने लायक चीज अगासी के करियर के आखिर में जमा हुई ट्रॉफियों की संख्या नहीं है। वह यह गुंजाइश है कि आज के टेनिस को पूरी गंभीरता से लिया जाए, लेकिन आज से पूरे करियर की कहानी साबित करने की मांग न की जाए।
स्रोत और आगे पढ़ने के लिए
TENNIS TENSION LAB
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