दोनों तरफ फोरहैंड, तो कमजोर पक्ष खत्म? लुकास हरेरा सांचेज़ ने टेनिस का पुराना सवाल फिर उठाया
दोनों तरफ फोरहैंड वाली शैली विंबलडन फाइनल तक पहुंच चुकी है। कठिन सवाल यह है कि कम समय, कमजोर हाथ और शॉट के बाद वापसी की पोजिशन जोड़ने पर उसका फायदा कितना बचता है।

प्रतिद्वंद्वी लगातार आपके बैकहैंड पर खेल रहा है। आप उसे बचाते रह सकते हैं, घूमकर फोरहैंड मार सकते हैं, या एक ज्यादा बड़ा बदलाव सोच सकते हैं: रैकेट दूसरे हाथ में लीजिए और वहां से भी फोरहैंड खेलिए। आखिरी विकल्प सोशल मीडिया की कोई तरकीब लगता है, जब तक कोई खिलाड़ी सचमुच अपना खेल उसी पर न बना ले। जेफ सैकमन ने 7 जनवरी 2026 के अपने Tennis Abstract लेख में लुकास हरेरा सांचेज़ को उस समय 13 साल का बताया था। उनका उदाहरण एक गंभीर सवाल की वजह बना: दो फोरहैंड होने का असली मूल्य कितना हो सकता है?
इस सवाल के भीतर दो अलग विचार हैं। पहला तकनीक का है: हाथ बदलकर दोनों तरफ फोरहैंड मारना। दूसरा लाभ का है: ग्राउंडस्ट्रोक में कोई एक पक्ष दूसरे से काफी कम प्रभावी न रह जाए। तकनीक देखने में अनोखी है। ऐसा लाभ लगभग हर प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी चाहेगा। लेकिन दोनों अपने आप साथ नहीं मिलते। खिलाड़ी के पास दो फोरहैंड हो सकते हैं, फिर भी कोई एक तरफ ऐसी रह सकती है जिस पर प्रतिद्वंद्वी ज्यादा हमला करना चाहे।
आपकी सोशल मीडिया फीड में आने से पहले यह शैली विंबलडन फाइनल तक पहुंची थी
सैकमन बेवर्ली बेकर फ्लाइट्ज़ का उदाहरण देते हैं, जो दोनों तरफ फोरहैंड खेलते हुए 1955 विंबलडन फाइनल तक पहुंचीं। वह चेओंग-ई किम का भी जिक्र करते हैं, जो पुरुषों की टॉप 300 रैंकिंग में पहुंचे थे। ये उदाहरण एक सवाल का जवाब देते हैं: इस शैली का इस्तेमाल गंभीर प्रतिस्पर्धी स्तर पर हुआ है। वे नहीं बताते कि इसे कितनी बार सिखाया गया, कितने खिलाड़ियों ने बीच में छोड़ा या किसी खास बच्चे के विकास के लिए यही सबसे अच्छा रास्ता है या नहीं। दिखाई देने वाली सफलता संभावना का प्रमाण है, सफलता की दर नहीं।
फ्लाइट्ज़ का ऐतिहासिक उदाहरण इस विचार को नया आविष्कार बताने से भी रोकता है। आज की दिलचस्पी यह है कि एक युवा खिलाड़ी मौजूदा दौर के प्रतिद्वंद्वियों के सामने अनजाना-सा समाधान इस्तेमाल कर रहा है। जनवरी का लेख हरेरा सांचेज़ और प्रसारित हो रहे वीडियो पर चर्चा करता है। उसमें उनके दाएं और बाएं हाथ के शॉट्स की मापी गई तुलना या पेशेवर करियर की भविष्यवाणी नहीं है। किसी जूनियर को बैकहैंड के अप्रासंगिक हो जाने का प्रमाण बनाए बिना भी, उसके खेल से निकले सवाल को समझा जा सकता है।
चार पॉइंट का अनुमान एक काल्पनिक सुधार से शुरू होता है
सैकमन ने 37 पुरुष खिलाड़ियों के 2025 के दर्ज किए गए मैचों से सवाल को समझा। हर खिलाड़ी के कम से कम दस मैच नमूने में थे। उनके फोरहैंड और बैकहैंड प्रभावशीलता के माप, जिन्हें वह potency कहते हैं, में विनर, प्रतिद्वंद्वी से कराई गई गलतियां, अनफोर्स्ड एरर और उन नतीजों की जमीन तैयार करने वाले शॉट शामिल हैं। ये सिर्फ विनर की गिनती नहीं हैं। गणना पूछती है कि अगर खिलाड़ी का बैकहैंड वाला पक्ष फोरहैंड जितना प्रभावी हो जाए तो क्या होगा। यह सुधार वास्तव में हासिल करने की व्यावहारिक कठिनाई, शुरुआती अदला-बदली में शामिल नहीं है।
| माप | लेख में दिया गया मूल्य | इसे कैसे समझें |
|---|---|---|
| प्रति मैच सामान्य फोरहैंड प्रभावशीलता | 6.7 | लेखक के potency माप का मूल्य, 6.7 विनर नहीं |
| प्रति मैच सामान्य बैकहैंड प्रभावशीलता | 0.6 | बैकहैंड पक्ष का संबंधित मूल्य |
| दोनों पक्ष फोरहैंड जितने प्रभावी होने पर अनुमानित सुधार | प्रति मैच करीब चार पॉइंट | लेखक ने प्रभावशीलता के अंतर को पॉइंट में बदला है; हाथ बदलने की कीमत मापी नहीं गई है |
लेख की व्याख्या में इस्तेमाल करीब 140 पॉइंट के मैच में चार पॉइंट, खेले गए कुल पॉइंट का लगभग 2.9% होते हैं। यही बात विचार को रोमांचक बनाती है। इसका मतलब मैच जीतने की संभावना में तीन प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी नहीं है। यह भी वादा नहीं कि हर बार खेलने पर चार पॉइंट अतिरिक्त मिलेंगे। जीते गए पॉइंट का हिस्सा और पूरा मैच जीतने की संभावना अलग मात्राएं हैं। उपयोगी मॉडल दिखा सकता है कि कमजोर पक्ष महंगा पड़ता है, लेकिन इससे जरूरी नहीं कि उस कमजोरी को भरोसेमंद ढंग से मिटाने वाली तकनीक भी मिल गई हो।
ग्रिप बदलने की बात शुरू होने से पहले ही एक पेच सामने आता है। उस नमूने में अलेजांद्रो दाविदोविच फोकिना, दानिल मेदवेदेव और अलेक्ज़ांडर ज़्वेरेव, लेखक के माप के अनुसार बैकहैंड की तरफ ज्यादा प्रभावी थे। इसलिए “दूसरी तरफ को फोरहैंड जितना अच्छा बनाओ” हर किसी के लिए सुधार नहीं है। यह तुलना उन खिलाड़ियों के दर्ज किए गए 2025 के प्रदर्शन के बारे में है, पूरे करियर के महानतम बैकहैंड की रैंकिंग नहीं। फिर भी वह इस सहज धारणा पर सवाल उठाती है कि बैकहैंड ही वह शॉट है जिसे बदलना चाहिए।

गेंद पहुंचने पर शॉट भी तैयार होना चाहिए
मान लीजिए, तैयारी का समय मिले तो दूसरे हाथ का फोरहैंड बेहतरीन है। लेकिन उस तरफ आती तेज सर्विस कुछ और पूछती है। क्या खिलाड़ी दिशा पहचानकर रैकेट दूसरे हाथ में पहुंचा सकता है और समय रहते उसका फेस तैयार कर सकता है? सैकमन खास तौर पर रिटर्न के समय ग्रिप बदलने की कीमत का सवाल उठाते हैं। उसे मापते नहीं हैं। खिलाड़ी के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि शॉट का मूल्य निकालते समय वे हालात भी गिने जाएं जिनमें उसका पसंदीदा रूप खेलने का समय ही नहीं मिलता।
साधारण क्लब टेनिस में भी, बिना हाथ बदले, यही फर्क दिखता है। पूरा स्विंग लेकर किया गया रिटर्न ड्रिल में शानदार लग सकता है और तेज पहली सर्विस के सामने भरोसेमंद नहीं रह सकता। छोटा ब्लॉक कम आकर्षक हो सकता है, लेकिन रिटर्नर को रैली में बनाए रखता है। दोनों विकल्पों के केवल सबसे अच्छे संपर्क की तुलना करने से असली फैसला छूट जाएगा। दो फोरहैंड का निष्पक्ष मूल्यांकन करने के लिए खूबसूरत रैलियों के वीडियो के साथ जल्दबाजी में लगे शॉट, शरीर पर आती गेंदें और साफ स्विंग न बन पाने वाले रिटर्न भी देखने होंगे।
दूसरे हाथ की अपनी क्षमता का सवाल भी है। तकनीक एक जैसी दिखने से शॉट की गुणवत्ता बराबर साबित नहीं होती। दबाव में गहराई, दिशा और गलतियों की आवृत्ति बदल सकती है; प्रतिद्वंद्वी को बस कमजोर पैटर्न ढूंढना है। इसीलिए सैकमन शुरुआती लाभ को भविष्यवाणी नहीं, जरूरत से ज्यादा आशावादी अनुमान मानते हैं। दूसरा फोरहैंड कमजोरी घटा सकता है, बिना उसे मिटाए। वह एक तरह की कमजोरी को दूसरी से बदल भी सकता है। हरेरा सांचेज़ के लिए इस लेन-देन का मूल्य तय करने वाले माप हमारे पास यहां नहीं हैं।
कम दिखने वाला फायदा शायद शॉट के बाद की पोजिशन में हो
दूसरा पक्ष ज्यादा प्रभावी होने पर विनर बढ़ने से पहले मूवमेंट घट सकता है। बैकहैंड छोड़कर फोरहैंड मारने के लिए घूमने से अक्सर गेंद से संपर्क की जगह बदलती है, और यह भी कि अगली बार पोजिशन में लौटना कहां से शुरू होगा। यदि दूसरा पक्ष वही गेंद अच्छी तरह संभाल सके, तो पसंदीदा शॉट के लिए अपनी जगह छोड़ने की जरूरत कम हो सकती है। सैकमन इसे संभावित अतिरिक्त लाभ कहते हैं, मापा हुआ बोनस नहीं जिसे सीधे चार पॉइंट के अनुमान में जोड़ दिया जाए।
पारंपरिक बैकहैंड रखने वाले अनुभवी खिलाड़ी के लिए बहस का यह हिस्सा सबसे उपयोगी है। यह पूछने के लिए हाथ बदलने की जरूरत नहीं कि घूमकर फोरहैंड मारना फायदे का था या नहीं। मान लीजिए आप बैकहैंड वाले कोने से काफी बाहर निकलते हैं, ज्यादा तेज फोरहैंड मारते हैं और अगली गेंद के लिए कोर्ट की दूसरी तरफ खुली छोड़ देते हैं। पहला शॉट मजबूत दिख सकता है, जबकि पूरे पॉइंट पर नियंत्रण कठिन हो जाए। कभी फोरहैंड इतना दबाव बनाता है कि मूवमेंट की कीमत वसूल हो जाती है। कभी ठोस बैकहैंड ज्यादा उपयोगी विकल्प बचाकर रखता।
काम की समीक्षा में घूमकर लगाए गए फोरहैंड को संपर्क के बाद तक देखिए। लिखिए कि गेंद कहां गिरी, प्रतिद्वंद्वी के अगला शॉट मारते समय आप कहां थे और अगली कौन सी गेंद तक आराम से पहुंच सकते थे। फिर उन मौकों से तुलना कीजिए जब बैकहैंड की तरफ टिके रहे। यह देखने या अभ्यास का सुझाव है, स्रोत में बताया गया कोई परीक्षण नहीं। इसका फायदा यह है कि “मेरा फोरहैंड बेहतर है” को ज्यादा सटीक सवाल का जवाब देना पड़े: इस गेंद पर, इस पोजिशन से, और इस तरह लौटने की जरूरत के साथ भी बेहतर है?
विकास के एक प्रयोग को शॉर्टकट मत समझिए
बचपन से सीख रहे खिलाड़ी और अपना बना-बनाया खेल बदल रहे वयस्क के फैसले अलग होंगे। Tennis Abstract का लेख कोचिंग का सवाल खुला छोड़ता है, क्योंकि गायब सबूत महत्वपूर्ण हैं: कितने खिलाड़ियों ने तरीका आजमाया, इसकी प्रैक्टिस के लिए क्या छोड़ा और उनका संपूर्ण खेल कैसे विकसित हुआ। कुछ असाधारण उदाहरण इन सवालों के जवाब नहीं दे सकते। हाइलाइट्स का संकलन भी नहीं बता सकता कि मौजूदा बैकहैंड पर ज्यादा अभ्यास समय लगाने से बेहतर नतीजा मिलता या नहीं।
केवल स्ट्रोक की गणना की एक और सीमा है। सर्विस, रिटर्न, मूवमेंट, अनुमान और पॉइंट के दौरान सही चुनाव, सबको फिर भी काम करना होगा। दूसरा ग्राउंडस्ट्रोक बेहतर हो जाने से सर्विस के कोर्ट में पड़ने से पहले पॉइंट नहीं मिल जाते। वह हर खराब पोजिशन से बचा भी नहीं सकता। दो फोरहैंड को अजेय टेनिस की अलग श्रेणी मानने से ज्यादा उपयोगी है, उन्हें दूसरा पक्ष मजबूत बनाने के एक तरीके की तरह देखना। खिलाड़ी की बाकी क्षमताओं को भी मुकाबला करना होगा।
हरेरा सांचेज़ इस सवाल को पूछने लायक बनाते हैं, क्योंकि वह विकल्प को सामने दिखाते हैं। फ्लाइट्ज़ याद दिलाती हैं कि उस विकल्प का इतिहास है। आंकड़े बताते हैं कि फोरहैंड-बैकहैंड का बड़ा अंतर क्यों मायने रखता है; बिना मापी गई कीमतें समझाती हैं कि दिखाई देने वाली तकनीक की नकल, सैद्धांतिक लाभ हासिल करने के बराबर क्यों नहीं है। अगले मैच के लिए तुरंत काम आने वाला सवाल सरल रह सकता है: आपका कमजोर पक्ष केवल शॉट की गुणवत्ता के कारण पॉइंट गंवा रहा है, या उसे बचाने के लिए किए जाने वाले सारे मूवमेंट की कीमत भी आप चुका रहे हैं?
स्रोत और आगे पढ़ने के लिए
TENNIS TENSION LAB
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