मुचोवा को नेट पर समझना है, तो उससे पहले का शॉट देखें
कलाई की सर्जरी के बाद मुचोवा न्यूयॉर्क लौटीं। ओसाका, पोटापोवा, पाओलिनी और पेगुला के ख़िलाफ़ उनके मैच दिखाते हैं कि नेट तक पहुँचने की शुरुआत कहाँ होती है और पहुँचकर कैसी गेंद मिलती है।

सर्व की रफ़्तार 97 मील प्रति घंटा थी, यानी लगभग 156 किमी/घंटा। कैरोलिना मुचोवा उसके पीछे आगे दौड़ीं, बैकहैंड वॉली के लिए खिंचीं और गेंद को खाली कोर्ट में छोटा गिरा दिया। WTA ने 2024 यूएस ओपन में अनास्तासिया पोटापोवा के ख़िलाफ़ उनके मैच की रिपोर्ट में यह दृश्य बताया था। सर्व और वॉली के बीच उन्होंने उस दूरी को बदल दिया था जहाँ अंक का फ़ैसला होना था।
उसी साल फ़रवरी में मुचोवा की दाहिनी कलाई की सर्जरी हुई थी। वह जून के घास वाले सत्र में वापस आईं। न्यूयॉर्क पहुँचते समय दोबारा मैच खेल पाना ही बड़ा हासिल था। यूएस ओपन से उन्होंने कहा कि इस साल उनकी सबसे बड़ी जीत फिर से टेनिस खेल सकना है। शानदार शॉट का इंतज़ार कर रहे दर्शक और अपना टूर्नामेंट कार्यक्रम दोबारा बनाने वाली खिलाड़ी, अलग-अलग जगह से शुरुआत कर रहे थे।
मुचोवा के खेल में विविधता है, यह कहना आसान है। स्लाइस, ड्रॉप शॉट और वॉली की सूची से यह कम पता चलता है कि एक अंक बनता कैसे है। नेट पर पहुँचा अंक सर्व से शुरू हो सकता है, आक्रामक रिटर्न से या रैली के बीच आगे बढ़ने से। रास्ता खोलने वाली गेंद को देखें, तो तकनीकों की सूची वास्तविक चुनावों में बदलती है।
2024 के न्यूयॉर्क में सफल और मुश्किल, दोनों तरह की मिसालें मिलीं। नाओमी ओसाका के ख़िलाफ़ मुचोवा ने रिटर्न के पीछे आगे जाकर अंक लिया, लेकिन बाद में उसी मैच में जल्दीबाज़ी वाली चढ़ाइयों पर अंक गंवाए। जैस्मिन पाओलिनी के सामने उन्होंने सर्व और नेट, दोनों पर अस्थिर शुरुआत सुधारी। जेसिका पेगुला ने नीचे गिरते रिटर्न और लंबी रैलियों से जवाब दिया। पोटापोवा वाला मैच इसमें सर्व के बाद वॉली का रास्ता जोड़ता है।
ओसाका के सामने दिशा एक थी, मिलने वाली गेंद अलग
29 अगस्त को मुचोवा ने ओसाका को 6–3, 7–6(5) से हराया। Tennis.com के लिए स्टीव टिग्नर ने पहले सेट के एक ब्रेक वाले गेम की शुरुआत बताई: मुचोवा बैकहैंड रिटर्न के पीछे नेट तक पहुँचीं और वॉली विनर लगाया। सर्व का जवाब देते हुए उन्होंने अगली गेंद खेलने की जगह भी बदल दी। ओसाका अब सिर्फ़ बेसलाइन के पीछे खड़ी रिटर्न करने वाली खिलाड़ी का सामना नहीं कर रही थीं।
उसी गेम में मुचोवा ने छिपे हुए इरादे वाला ड्रॉप शॉट खेलकर ओसाका को चौंकाया, फिर एक और अच्छे रिटर्न से दबाव बनाया। ये अलग-अलग अंक थे। ख़ुद आगे जाना, विरोधी को आगे बुलाना और रिटर्न से समय छीनना, हर बार अलग माँग पैदा करता था। विकल्प साथ मौजूद थे; वे हर अंक पर दोहराने वाला तय क्रम नहीं थे।
दूसरे सेट में 4–4 पर आगे बढ़ना उतना फ़ायदेमंद नहीं रहा। टिग्नर के अनुसार, मुचोवा जल्दीबाज़ी में नेट पर पहुँचीं और दो आसान वॉली चूक गईं। ओसाका ने सर्व तोड़ी और फिर 5–4 पर अपने सर्विस गेम में 40–0 तक पहुँचीं। मुचोवा अब भी उसी दिशा में जा रही थीं, लेकिन वहाँ पहुँचकर शॉट पूरा करने का नतीजा बदल गया था। इस हिस्से को हटाने से जीत ज़रूरत से ज़्यादा सहज दिखाई देगी।
ओसाका ने तीन सेट पॉइंट दो फ़ोरहैंड गलतियों और एक डबल फ़ॉल्ट से गंवा दिए। स्कोर 5–5 हो गया। टाइब्रेक भी ओसाका की 4–2 की बढ़त के बाद पलटा। मुचोवा ने सर्व और क्रॉसकोर्ट फ़ोरहैंड पासिंग से अंक जोड़कर जीत की तरफ़ कदम बढ़ाए। बार-बार नेट पर जाने वाली खिलाड़ी पीछे से भी अंक ले रही थी, और विरोधी की गलतियाँ भी सेट के अंत का हिस्सा थीं।
दोबारा देखते समय आगे बढ़ने वाले अंक साथ रखकर तुलना की जा सकती है। शुरुआत सर्व के पीछे हुई या रिटर्न के पीछे? विरोधी की पहली गेंद किस ऊँचाई पर आई? पहली वॉली काफ़ी थी या एक और शॉट खेलना पड़ा? यूएस ओपन के आधिकारिक विस्तृत हाइलाइट्स उस मैच तक पहुँचने का एक रास्ता हैं। चुने हुए दृश्य और पूरे मैच का हिसाब अलग जानकारी देते हैं।

सर्व और वॉली के पीछे मज़बूत सर्विस गेम भी थे
दो दिन बाद मुचोवा ने पोटापोवा को 6–4, 6–2 से हराया, आठ ऐस लगाए और एक बार भी अपनी सर्विस नहीं गंवाई। WTA का 97 मील वाले सर्व और बैकहैंड वॉली का विवरण इसी मैच का है। वह सर्व से सीधे अंक ले सकती थीं और उसके पीछे आगे जाकर भी अंक समाप्त कर सकती थीं। सर्व करते समय यह चुनाव भी था कि अगली गेंद कहाँ से खेली जाए।
उसी रिपोर्ट में पोटापोवा के ख़िलाफ़ बार-बार बैकहैंड स्लाइस इस्तेमाल करने का ज़िक्र है। मुचोवा ने 24 विनर और 11 अनफ़ोर्स्ड एरर किए; पोटापोवा के आँकड़े 16 और 29 थे। विरोधी की हर गलती को स्लाइस का असर नहीं कहा जा सकता। फिर भी विविध आक्रमण के साथ मुचोवा ने अपनी गलतियाँ कम रखीं। शॉट चुनना और उसे सही तरह समाप्त करना, दोनों साथ देखने की बातें हैं।
तीन राउंड के बाद उन्होंने नेट पर 65 में से 49 अंक जीते थे। सर्व के तुरंत बाद नेट पर आने का अलग हिसाब 23 कोशिशों में 19 अंक था। इसलिए सिर्फ़ सर्व के पीछे की चढ़ाई पूरे नेट रिकॉर्ड को नहीं समेटती। रिटर्न के पीछे आगे आना और रैली के बीच नेट की तरफ़ बढ़ना भी अलग पहचानने लायक़ रास्ते हैं।
| किस चरण तक | श्रेणी | जीते अंक/प्रयास | दायरा |
|---|---|---|---|
| तीसरे राउंड के बाद | सभी नेट अंक | 49/65 | पहले तीन मैच |
| तीसरे राउंड के बाद | सर्व और वॉली | 19/23 | सर्व के पीछे आगे आना |
| पाओलिनी, अंतिम 16 | सभी नेट अंक | 11/14 | सिर्फ़ वह मैच |
| अंतिम 16 के बाद | सभी नेट अंक | 60/79 | पहले चार मैच |
| क्वार्टरफ़ाइनल के बाद | सर्व और वॉली | 29/36 | पहले पाँच मैच |
तालिका की पंक्तियाँ अलग समय और अलग प्रकार के अंक गिनती हैं। 49/65 पहले तीन मैचों तक है; 60/79 में पाओलिनी का मैच भी शामिल है। सर्व और वॉली के 19/23 तथा 29/36 क्रमशः तीसरे राउंड और क्वार्टरफ़ाइनल के बाद के आँकड़े हैं। इनसे अधिक सफल रणनीति की रैंकिंग बनाने पर अलग मैच और अलग अंक एक साथ मिल जाएँगे। आँकड़ा क्या गिन रहा है, यह तय करता है कि उसका उपयोग कैसे हो।
मुचोवा के अपने शब्द इन संख्याओं को व्यक्तिगत संदर्भ देते हैं। उन्होंने WTA से कहा कि वह ख़ुद की तुलना पिछले साल से नहीं करना चाहतीं। सर्जरी के बाद उन्हें नहीं पता था कि दोबारा खेल पाएँगी या नहीं; अब बिना दर्द के कोर्ट पर होने के लिए आभारी थीं। आख़िरी शॉट चुनने से पहले, सर्व करने, चलने-दौड़ने और लगातार मैच खेलने का समय फिर मिला था।
पाओलिनी के ख़िलाफ़ सुधार सिर्फ़ नेट पर नहीं हुआ
2 सितंबर की शुरुआत अस्थिर थी। मुचोवा ने घबराहट की बात कही और हवा भी चल रही थी। WTA ने उनकी चाल में कुछ लड़खड़ाहट और आगे बढ़ने के फ़ैसले में देर का वर्णन किया। वह पहले सेट में 1–3 से पीछे हो गईं। पिछले राउंड के अच्छे नेट आँकड़े उस दिन आगे आने का सही समय ख़ुद तय नहीं कर सकते थे।
स्लाइस, ड्रॉप शॉट और तेज़ प्रतिक्रिया वाली वॉली ने ब्रेक वापस लेकर 3–3 करने में मदद की। रिपोर्ट ने बाद में पास-पास की नेट रैली में एक नाज़ुक ड्रॉप वॉली का भी ज़िक्र किया। अलग शॉट खास गेमों में काम कर रहे थे: स्कोर बराबर करना और पाओलिनी से अलग तरह की मूवमेंट माँगना। किस समय विकल्प चुना गया, उससे तकनीक का अर्थ बना।
इसी बीच सर्विस पर अंक निकलने बंद होने लगे। 1–3 से पीछे होने के बाद मुचोवा ने अपनी सर्व पर सिर्फ़ पाँच और अंक गंवाए; पूरे दूसरे सेट में केवल दो। केवल आकर्षक नेट रैलियों को देखें तो यह आधार आसानी से छूट सकता है। सर्विस गेम मज़बूत रहने से पाओलिनी के साथ बने रहने के मौके कम हुए, जबकि मुचोवा रिटर्न गेम में हमला करती रहीं।
इस मैच में उन्होंने नेट पर 14 में से 11 अंक लिए। पहले के 49/65 में जोड़ने पर 60/79 बनता है। शुरुआत की हिचक और बाद की स्थिरता, दोनों उसी एक मैच के आँकड़े में हैं। 6–3, 6–3 के नतीजे के साथ यह देखना भी उपयोगी है कि गलतियाँ कब आईं और किस मोड़ से सर्विस गेम भरोसेमंद बने।
मुचोवा ने बाद में बताया कि आक्रामक डाउन-द-लाइन शॉट और नेट पर अंक जीतने से अच्छा अहसास होता है, फिर अपने शॉट पर भरोसा बढ़ता है। उनकी बात सफल हुई वास्तविक गतिविधियों से शुरू होती है। इस अनुभव को समझते समय पहले कुछ गेम, जिनमें वह समय साध रही थीं, बाद के सहज हिस्सों के साथ ही रखने चाहिए।

पेगुला ने पहली गेंद नीचे रखी और रैली बढ़ाई
क्वार्टरफ़ाइनल में बीआत्रिज़ हदाद माया पर 6–1, 6–4 की जीत के साथ मुचोवा ने लगातार पाँच मैच बिना सेट गंवाए जीत लिए। उस मैच में पहली सर्व पर 37 में से 29 अंक लिए और सिर्फ़ एक ब्रेक दिया। रोलां गैरों की आधिकारिक सेमीफ़ाइनल पूर्व रिपोर्ट ने तब तक सर्व और वॉली के 36 प्रयासों में 29 अंक दर्ज किए। आगे बढ़ना उनके अभियान में बार-बार चुना गया विकल्प बन चुका था।
5 सितंबर को पेगुला के सामने भी उन्होंने पहला सेट 6–1 से जीता और दूसरे में 2–0 की बढ़त ली। पेगुला ने बाद में बताया कि मुचोवा उन्हें लय नहीं लेने दे रही थीं। अगले दो गेमों में जवाब बदला। पहले उन्होंने ब्रेक पॉइंट बचाकर 2–1 किया, फिर आगे आती मुचोवा को नीचे गिरता रिटर्न देकर पहली बार उनकी सर्विस तोड़ी।
यह रिटर्न ध्यान को नेट पर जाने के फ़ैसले से आगे ले जाता है। पहली गेंद नीचे आए तो आगे बढ़ती खिलाड़ी को नीचे संपर्क करना पड़ता है, जिससे अंक समाप्त करने के विकल्प बदलते हैं। पेगुला ने उस रास्ते में दखल देने की जगह ढूँढ़ी जो पहले मुचोवा के काम आ रहा था। आक्रमण करने वाली का चुनाव और विरोधी की वापसी की गेंद, दोनों मिलकर अगली स्थिति बनाते हैं।
पेगुला ने रैलियाँ भी लंबी कीं। WTA के अनुसार, उन्होंने नौ शॉट की रैली में ब्रेक पॉइंट बचाकर सर्विस कायम रखी और 3–2 किया। बाद में दस मिनट के गेम में फिर ब्रेक लिया। मुचोवा 4–4 तक लौटीं, लेकिन सेट गंवा दिया। पहले मोड़ के बाद भी नई रैलियाँ और प्रतिरोध थे; सिर्फ़ एक छूटी वॉली पूरे मैच को नहीं समझाती।
मुचोवा अंत में 6–1, 4–6, 2–6 से हारीं। निर्णायक सेट में भी ब्रेक के मौके रहे, मगर वापसी पूरी नहीं हुई। पहले पाँच मैचों के अच्छे नेट आँकड़ों के साथ यह हार रखने से अगला सवाल अधिक साफ़ होता है। वह कितनी बार आगे जाती हैं, इसके साथ यह भी देखें कि पहली नीची गेंद को कैसे सँभालती हैं और उसके बाद रैली जारी रखनी पड़ती है या नहीं।

| तारीख़ और विरोधी | स्कोर | क्या देखें |
|---|---|---|
| 29 अगस्त — ओसाका | 6–3, 7–6(5) | रिटर्न के पीछे बढ़ना और जल्दबाज़ी की चढ़ाई |
| 31 अगस्त — पोटापोवा | 6–4, 6–2 | सर्व के पीछे आने पर मिलने वाली गेंद |
| 2 सितंबर — पाओलिनी | 6–3, 6–3 | 1–3 के बाद सर्व और मूवमेंट |
| 4 सितंबर — हदाद माया | 6–1, 6–4 | पहली सर्व के अंक और सर्विस गेम |
| 5 सितंबर — पेगुला | 6–1, 4–6, 2–6 | नीचे रिटर्न और लंबी रैलियाँ |
क्वार्टरफ़ाइनल के बाद मुचोवा ने याद किया कि फ़रवरी में वह हर समय सकारात्मक नहीं थीं। मुश्किल दिन भी थे, जब बाँह नहीं हिला सकती थीं और बहुत कम काम कर पाती थीं। उन्होंने WTA को बताया कि कुछ कठिन दिनों के बाद ख़ुद को फिर सँभालकर, ठीक होने की दिशा में उस समय संभव पहले कदम पर ध्यान देने की कोशिश करती थीं। डॉक्टर और उनकी टीम साथ थे। न्यूयॉर्क के चुनावों से पहले कोर्ट पर लौटने का यह काम था।
अगले मैच में आख़िरी वॉली से एक शॉट पहले नज़र ले जाएँ। सर्व या रिटर्न ने विरोधी को कहाँ रखा? गेंद कितनी ऊँची वापस आई? अगला संपर्क तैयार करने का समय मिला या नहीं? उन अंकों को भी शामिल करें जिनमें मुचोवा पीछे रहीं और एक और स्लाइस खेला। पहले से मौजूद कौशल को इस्तेमाल करने का मौक़ा तलाशने में उनके विकल्प दिखाई देते हैं।
न्यूयॉर्क में उनकी पहली ख़ुशी फिर से टेनिस खेल पाने की थी। उसके बाद खेल के भीतर के चुनाव लौटे: सर्व के पीछे बढ़ना, रिटर्न के साथ जाना, नेट पर आई गेंद की गति कम करके उसे छोटा छोड़ना। देखने की दिलचस्पी एक शानदार आख़िरी शॉट से आगे चलती है। वह अगली गेंद कहाँ से खेलना चाहती हैं और विरोधी उन्हें क्या लौटाती है, यह लगातार बदलता रहता है।
स्रोत और आगे पढ़ने के लिए
- WTA — Healthy and in command, Muchova’s talent takes center stage at US Open
- Tennis.com — Karolina Muchova defeats Naomi Osaka at US Open after two sets of plot twists
- WTA — After injury, Muchova returns to US Open quarterfinals
- WTA — US Open semifinal preview: Can Pegula, Navarro set up an all-American final?
- Roland-Garros — US Open 2024: Women’s semi-finals
- WTA — Pegula’s breakthrough continues, edges Muchova to reach US Open final
- US Open — Teeming with talent and injury-free, Karolina Muchova looks to soar at 2024 US Open
- WTA — Muchova holds off Haddad Maia to reach second straight US Open semifinal
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